Important questions Navy mr, ssr and AA

Important questions

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नीचे कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न तथा उनके उत्तर दिए गए हैं। यह प्रश्न अधिकांशत competitive exams में पूछे जाते हैं। यह प्रश्न इंडियन नेवी SSR/ AA और MR के परीक्षा के लिए अति महत्वपूर्ण है।
1. मात्रक एवं मापन
( Units And Measurements )

1. भौतिक राशियां किसे कहते हैं?
=भौतिकी के नियमों को जिन राशियों के पदों में व्यक्त किया जाता है। भौतिक राशियां कहलाती है।
2.  मूल राशियां किसे कहते हैं?
=भौतिक राशियां जो अन्य किसी राशि पर निर्भर नहीं करती है। मूल राशियां कहलाती है।
3. व्युत्पन्न राशियां किसे कहते हैं?
=भौतिक राशियां जो मूल राशियों की सहायता से प्राप्त होती है। व्युत्पन्न राशियां कहलाती है
4. मात्रक किसे कहते हैं?
=प्रत्येक भौतिक राशि को मापने के लिए स्वेच्छा से चुने गए किसी निश्चित परिणाम को मात्रक कहते हैं
For example–F = 10 न्यूटन (जहां, न्यूटन बल का मात्रक है)

5. मूल मात्रक किसे कहते हैं?
=ऐसेेे मात्रक जो अन मात्रको पर निर्भर नहीं करते हैं, मूल मात्रक कहलातेे हैं।

6. पूरक मात्रक किसे कहते हैं?
=वे मात्रक जिनका उपयोग पूरक राशियों में किया जाता है। पूरक मात्रक कहलाते हैं।
For example– समतल कोण तथा घन कोण।
7. मात्रकों की पद्धति किसे कहते हैं?
=मूल मात्रकों वा व्युत्पन्न मात्रकों के समूह को मात्रकों की पद्धति कहते हैं।

भौतिक राशियों को मापने के लिए निम्न पद्धतियों का प्रयोग किया जाता है।

मात्रकों की पद्धति
  • MKS पद्धति ( मीटर, किलोग्राम, सेकंड )
  • CGS पद्धति (सेमी, ग्राम, सेकंड )
  • FPS पद्धति ( फुट, पाउंड, सेकंड )

SI प्रणाली
यह प्रणाली निम्नलिखित सात मूल मात्रकों  एवं दो पूरक मत्रकों पर आधारित है
1. लंबाई मीटर
2 द्रव्यमान किलोग्राम
3 समय सेकंड
4 विद्युत धारा एंपियर
5 ताप केल्विन
6 ज्योति तीव्रता केंडिला
7 पदार्थ की मात्रा मोल
पूरक मात्रक
1 समतल कोण रेडियन
2 घन कोण स्टरेडियान


मुख्य वैज्ञानिक यंत्र एवं उनके उपयोग
       यांत्र                             उपयोग
 हाइग्रोमीटर  वायुमंडलीय आर्द्रता मापने में
पाइरोमीटर उच्च ताप मापने में
तनावमापी
 (डेसी मीटर)
तरल पदार्थ के सतह तनाव को मापने में
पथमापी
(ओडोमीटर)
बहन द्वारा तय की गई दूरी मापने के लिए
लैक्टोमीटर दूध की शुद्धता जांच
गैल्वेनोमीटर विधुत धारा को मापने के लिए
फैदोमीटर समुद्र की गहराई मापने के लिए
बोल्टमीटर बोल्टता को मापने के लिए
एक्टिनोमीटर सूर्य के प्रकाश की उष्मा को मापने के लिए
ऑडियो मीटर ध्वनि की तीव्रता मापने में
अल्टीमीटर ऊंचाई मापने में
एनीमोमीटर वायु गति मापने में

2. बल तथा गति के नियम
( Force and laws of motion )

1. बल ( FORCE )?
– वाह बाहृ कारक (धक्का/खिंचाव), जो किसी पिंड के रूप व आकार यह स्थिति में परिवर्तन कर सकता है। या किसी पिंड विराम अवस्था  या एक समान गतिि की अवस्था में परिवर्तन कर सकता है,  
बल ( FORCE)  कहलाता है।
2. गति ( MOTION )?
– यदि किसी वस्तु की स्थिति समय के साथ परिवर्तन हो रहा है, तो 
वस्तु गति (MOTION) के अवस्था में कहलाती है।
          यदि किसी वस्तु की स्थिति में समय के साथ परिवर्तन नहीं हो रहा है तो, वस्तु विराम अवस्था में कहलाती है।
                विराम तथा गति दोनों एक दूसरे से संबंधित हैं।
3. एकसमान गति?
– जब कोई वस्तु समय अंतराल में समान दूरियां समान दिशा में तय करता है, तब वस्तु की गति एक समान गति कहलाती है, 
   अर्थात। वस्तु एकसमान वेग से गति करता है। और उसका त्वरण शून्य होता है ।
4. असमान गति?
– यदि कोई वस्तु सामान समय अंतराल  मैं असमान दूरी तय करती है, तब वस्तु की गति असमान गति कहलाती है।
5. विस्थापन?
– किसी वस्तु की अंतिम स्थिति तथा प्रारंभिक स्थिति के बीच की न्यूनतम दूरी को विस्थापन कहते हैं। वस्तु का विस्थापन धनात्मक, 
ऋणात्मक तथा शून्य हो सकती है।

6. चाल?
– किसी वस्तु द्वारा इकाई समय में तय की गई दूरी के मान को उस वस्तु की चाल कहतेे हैं।
7. वेग?
– किसी वस्तु द्वारा इकाई समय में तय किया गया विस्थापन, उस वस्तु का वेग कहलाता है।
8. त्वरण?
– किसी वस्तु के वेग परिवर्तन की दर को त्वरण कहते हैं।
9. वृत्तीय गति?
– जब कोई वस्तु किसी वृत्ताकार मार्ग पर गति करती है, तो इसे वृत्तीय
 गति कहते हैं।
                                  जब वस्तु वृत्ताकार मार्ग पर एक चक्कर पूर्ण करती है, तो तय की गई दूरी, वृत्तीय पथ की परिधि 2πR के बराबर होगी।
10. जड़त्व? 
किसी वस्तु का वह गुण, जिसके कारण वह अपनी विराम अवस्था तथा एक समान गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करता है।
जड़त्व कहलाता है।


11. घर्षण बल?
-वह बल, जो वस्तुओं के संपर्क तल पर कार्य करता है तथा सापेक्ष गति का विरोध करता है। घर्षण बल कहलाता है।

3. गुरुत्वाकर्षण
(GRAVITATION)

  1. गुरुत्वाकर्षण वह आकर्षण बल है, जिससे पृथ्वी किसी वस्तुु को अपने केंद्र की ओर खींचती है।
  2. न्यूटन ने 1686 ईसवी में यह बताया कि ब्रह्मांड में स्थित प्रत्येक पिंड दूसरे पिंड को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
  3. पृथ्वी के गुरुत्व के कारण ही पृथ्वी पर वायुमंडल उपस्थित है। गुरुत्व के कारण ही वायुमंडल के कण पृथ्वी को छोड़कर नहीं जा पाते हैं।
  4. चंद्रमा पर गुरुत्वीय त्वरण (g)  के मान का पृथ्वी के गुरुत्वीय त्वरण के मान का 1/6 होता है।
  5. पृथ्वी तल के नीचे या ऊपर जाने पर g क मान घटता है।
  6. G क मान पृथ्वी के ध्रुव पर अधिकतम तथा g का मान विषुवत रेखा पर न्यूनतम होता है।
  7. पृथ्वी की घूर्णन गति बढ़ने पर g का मान कम हो जाता है। तथा पृथ्वी की घूर्णन गति घटने पर g का मान बढ़ जाता है।
  8. पृथ्वी के केंद्र पर g का मान 0 होता है।
  9. जिस बल द्वारा पृथ्वी किसी वस्तु को अपने केंद्र की ओर खींचती है, उस बल को वस्तु का भार कहते हैं
गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम के प्रमुख महत्व निम्नलिखित है।

  • गुरुत्व बल के कारण ही पृथ्वी के चारों ओर वायुमंडल विद्यमान है।
  • गुरुत्व बल के कारण ही पृथ्वी की सतह पर प्राणियों का चलना संभव है।
  • पृथ्वी पर चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण प्रभाव के कारण ही ज्वार भाटा आता है।
  • चक्कर लगा रहे उपग्रह से अंतरिक्ष यात्री द्वारा यदि एक चम्मच नीचे गिराया जाए, तो वह अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण के अभाव में उपग्रह के साथ-साथ उसी गति में गतिमान रहेगा।

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